हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में हो सकती है बर्फबारी,जारी किया गया हाई अलर्ट।
हाल ही में जहां पर हिमाचल प्रदेश के जिलों में कई महीनो से बारिश नहीं हुई है और यहां के लोग धूप का आनंद ले रहे हैं वहीं पर मौसम विभाग ने फिर से एक हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अब मौसम का आसार बदलने वाला है। अब मौसम करवट लेने वाला है और हिमाचल प्रदेश में शीत लहर आने वाली है। जहां पर आजकल शिमला से लेकर मनाली तक आसमान बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा है और पर्यटक सुहाने मौसम का मजा ले रहे हैं और वहीं पर हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों की दिशा कुछ अलग है।
मैदानी इलाकों में मौसम का हाल
वहीं पर आपको बता दे कि हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों या जिलो जिसमें उन्ना,हमीरपुर और कांगड़ा जैसे क्षेत्र में सूरज निकलने के बावजूद शीत लहर ने लोगों को कम्पाए आए रखा है। वहीं पर कल्लू के सेऊबाग में हवाओं ने अपनी रफ्तार दिखाई जहां करीब 43 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंके चले और वहीं पर यह बताया जा रहा है कि अभी तक हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिले में या शहर में फिलहाल धुंध या बर्फबारी की वजह से यातायात या आम जीवन बाधित नहीं हुआ है।
मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों का वेदर
वहीं पर हिमाचल प्रदेश शिमला स्थित मौसम विभाग केंद्र के विशेषज्ञ का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत में एक के बाद एक सक्रिय होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस हिमाचल का रुख करने वाले हैं। वहीं पर 20 से 21 जनवरी इन दो दिनों में हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में वेदर स्थिर और शुष्क रहने की उम्मीद है हालांकि निचले इलाकों में कोल्ड वेव का असर बरकरा रहेगा।और वहीं पर 22 जनवरी को मौसम रात के समय में बदलाव लेना शुरू करेगा ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की फुहारे और हिमपात की शुरुआत हो सकती है और वहीं पर 23 से 24 जनवरी शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावनाएं हैं और वहीं पर 24 जनवरी शनिवार को प्रदेश की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात होने की आशंका बताई जा रही है जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश के इन जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के जिन जिलों के लिए मौसम विभाग ने हाई अलर्ट जारी करने के लिए कहा है उनमें से उन्ना, बिलासपुर,हमीरपुर, कांगड़ा,और मंडी के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। क्योंकि यहां शीतलहर का प्रकोप बढ़ने का आसार है।और वहीं पर यह भी बताया जा रहा है कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करनी चाहिए।

