कांगड़ा: नाबालिगा से किया था दुष्कर्म आरोपी को 25 साल की जेल
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में नाबालिगा से दुष्कर्म करने के आरोपी को उसका आरोप सिद्ध होने पर अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय पोक्सो न्यायाधीश नितिन मित्तल धर्मशाला जिला कांगड़ा की ओर से 25 साल के huकठोर कारावास की सजा सुनाई गई है इसके साथ ही आईटी एक्ट में भी आरोपी श्रवण कुमार पुत्र दूनी चंद गांव गुलेर तहसील हरिपुरा जिला कांगड़ा को दोषी पाया गया है जिसमें भी 2 वर्ष के कारावास के आदेश दिए गए हैं पोक्सो एक्ट के तहत सुनाई गई सजा के तहत 25 वर्ष का कारावास सहित ₹20000 जुर्माना आधा करना होगा अगर जुर्माना नहीं देते हैं तो 1 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा जबकि आईटी एक्ट में 10000 जुर्माना लगाया गया है इसमें भी जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त का कारावास भुगतना होगा और दोनों ही सजा साथ-साथ चलेगी।
लगातार 4 सालों से कर रहा था नाबालिगा के साथ दुष्कर्म
बताया जा रहा है कि कांगड़ा के देहरा पुलिस थाना में 4 अगस्त 2023 को पीडित नवालीगा ने अपनी बुआ के साथ पहुंचकर एक व्यक्ति के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी वहीं पर पीड़िता का कहना था कि आरोपी जो की 47 वर्ष का था पिछले 4 सालों से उसके घर में जाकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है इसी के साथ उसे डरा और धमका भी रहा था इस पर पुलिस थाना देहरा ने मामला दर्ज कर जॉच शुरू की जिसमें मेडिकल में भी नाबालिगा के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई जबकि मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिगा को गर्भवती भी पाया गया इसके संदर्भ में पुलिस विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर आगामी आवश्यक कार्यवाही की गई।
वहीं पर बताया जा रहा है कि आरोपी को 5 अगस्त 2023 को पुलिस ने झाड़ियां में छुपे हुए बैठे के दौरान ही हिरासत में ले लिया जिसमें आगे की कार्रवाई करते हुए मामले में गहनता से जांच पड़ताल की गई जिसमें पाया गया कि आरोपी द्वारा नाबालिगा को उसके फोन में अश्लील फोटो और मैसेज भेजे गए हैं जिसके चलते पुलिस ने पोक्सो एक्ट ब आईटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया और जांच को आगे बढ़ाया वहीं पर मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय विशेष न्यायाधीश धर्मशाला जिला कांगड़ा के समक्ष भी पुलिस जांच, फोरेंसिक सहित विभिन्न सबूत 39 गांव को पेश किया गया जिसमें आरोपी के सभी आरोप सिद्ध होने पर उसे सजा सुनाई गई वहीं पर मामले की पैरवी जिला न्यायालय नवीना राही ने की जबकि कैस के सहायक यशपाल रहे।

